Ghazala's Weblog

a poetic thread to string my words and experiences on…

Twilight at dawn… — August 29, 2009

Twilight at dawn…

नए मोड़

दिल में कुछ खद्शे

नए रिश्ते और नई-पुरानी बातें

चौराहे, बंद गलियाँ

नए तेवर, वही बहाने

खोए लफ्ज़…नए गाने

भीड़… हाथ थामे

कोई साथ

कई जी चुराते

मुश्किल लोग उलझी आँखें

नादाँ मन…

नादाँ मन…